शनिवार 31 जनवरी 2026 - 05:54
ज़ोहूर का मार्ग प्रश्स्त करने मे युवाओ की भूमिका

 अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में ज़ोहूर का मार्ग प्रश्सत करने में युवाओं की भूमिका के बारे में बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह रिवायत शेख तूसी की किताब “अल-ग़ैयबा” से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:

قال امیر المؤمنین علیہ السلام:

«أصحابُ المَهدِیِّ شَبابٌ لا کُهولٌ فیهِم إلاّ مِثلَ کُحلِ العَینِ وَالمِلحِ فِی الزّادِ وَأقَلُّ الزّادِ المِلحُ»

अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने फ़रमाया:

महदी (अ) के साथी जवान होंगे और उनमें बहुत कम बूढ़े लोग होंगे, जैसे आँख में सुरमा और ज़ादे राह में नमक, और ज़ादे राह का सबसे कम हिस्सा नमक होता है।

अल-ग़ैयबा, तूसी, पेज 476, हदीस 501

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha